क्यों खास है, दिल्ली का अरूण जेटली स्टेडियम और कैसी है यहां की पिच

दिल्ली सिर्फ दिलवालों की नहीं बल्कि क्रिकेट वालों की भी है. क्योंकि यहां पर देश का दुसरा सबसे बेहतरीन क्रिक्रेट स्टेडियम है.जिसे अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम के नाम से जाना जाता है. आइए जानते हैं इस स्टेडियम की खासियत के बारे में.

कैसे बना फिरोज शाह स्टेडियम अरुण जेटली स्टेडियम(How did Firoz Shah Stadium become Arun Jaitley Stadium?)

यह भारत का दूसरा सबसे पुराना क्रिकेट स्टेडियम है

अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम का पुराना नाम फिरोज शाह कोटला स्टेडियम था. लेकिन 12 सितंबर 2019 को, पूर्व वित्त मंत्री और DDCA के पूर्व अध्यक्ष अरुण जेटली की याद में इस स्टेडियम का नाम बदल कर अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम कर दिया गया.आपको बता दे की यह क्रिकेट ग्राउंड भारत का दूसरा सबसे पुराना क्रिकेट स्टेडियम है.स्टेडियम का निर्माण 1883 में किया गया था.इस स्टेडियम को Willingdon Pavilion के नाम से भी जाना जाता है.यह क्रिकेट स्टेडियम भारत की राजधानी दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग में स्थित है

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अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम की खासियत(Features of Arun Jaitley Cricket Stadium)

यहां की पिच बल्लेबाजी के लिए एक बेहतरीन पिच मानी जाती है

1.अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम भारत का ईडन गार्डन कोलकाता के बाद भारत का दूसरा सबसे पुराना क्रिकेट स्टेडियम है

2.इस स्टेडियम में बैठने की कैपिसिटी 48000 हजार है

3.यहां की पिच बल्लेबाजी के लिए एक बेहतरीन पिच मानी जाती है.

4.साथ-साथ इस स्टेडियम के एक स्टैंड को भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली के नाम से कर दिया गया

atal bihari stadium

अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम के रिकॉर्ड(Arun Jaitley Cricket Stadium Records)

सुनील गावस्कर ने इस स्टेडियम में अपना 29 वा टेस्ट शतक बनाया था

1.इस मैदान पर आईपीएल में बहुत बार टीम ने 200 के पार रन बनाया है

2.T20 मुकाबले में अरुण जेटली स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए ज्यादा फायदेमंद रहती है

3.विकेट पर घास होने के कारण गेंद बल्ले पर आती है, जिससे बैट्समेन को लम्बे शार्ट खेलने में कोई परेशानी नहीं होती है.

4.यह वही स्टेडियम है जहाँ साल 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में अनिल कुंबले ने 10 विकेट अपने नाम किया था

5.1983 में, सुनील गावस्कर ने इस स्थान पर अपना 29वां टेस्ट शतक बनाया

6.2005 में, सचिन तेंदुलकर ने सुनील गावस्कर के 34 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया

7.इस स्थान पर श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अपना 35वां टेस्ट टन दर्ज किया.