नवरात्रि की धूम जल्द ही एक बार फिर देशभर में देखने को मिलेगी। देशभर में दुर्गा पूजा का जश्न देखने मिलेगा. वही देशभर में कई जगह दुर्गा पंडाल लगाए जाते है जहां लोग दर्शन के लिए दूर दूर से आते है. तो आइये आज जानते है भारत के कुछ ऐसे प्रसिद्ध पंडालों के बारे में. बागबाजार (कोलकाता) दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता में गली गली में दुर्गा पंडाल देखने मिलते है. कोलकाता में कई प्रसिद्ध दुर्गा पंडाल है जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। लेकिन यहां का…
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Ganesh Chaturthi 2022: शाहरुख खान से सारा अली खान तक, ये बॉलीवुड सेलेब्स दूसरे धर्म के होकर करते है बप्पा की पूजा
31 अगस्त 2022 को देश भर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जायेगा. जल्द ही चारो और गणपति बप्पा मोरिया की जयघोष गूंजने वाली है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई लोग अपने घरों में बप्पा की स्थापना करते है वही टीवी और बॉलीवुड सितारे भी इस मामले में पीछे नहीं है. गणेश चतुर्थी का त्यौहार वैसे तो देश में कई जगह पर मनाया जाता है लेकिन मुंबई में ये त्यौहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. बॉलीवुड सेलेब्स का भी गणपति से बेहद खास नाता है कई…
Read Moreमेरी भावना | Meri Bhavna Hindi
मेरी भावना एक जैनो धर्म का पालन करने वालो के लिए बहुत ही मुख्या भावना होती है | मेरी भावना के रचयिता सुप्रसिद्ध लेखक कवि पं. जुगलकिशोर जैन मुख्तार “युगवीर” जी है | जिसने राग द्वेष कामादिक जीते सब जग जान लियासब जीवोको मोक्षमार्ग का निस्पृह हो उपदेश दियाबुध्ध, वीर, जिन, हरि, हर, ब्रम्हा, या उसको स्वाधीन कहोभक्ति-भाव से प्रेरित हो यह चित्त उसी में लीन रहो ||1|| विषयो की आशा नहि जिनके साम्य भाव धन रखते हैंनिज परके हित-साधन में जो निश दिन तत्पर रहते हैंस्वार्थ त्याग की कठिन…
Read Moreभक्तामर स्तोत्र संस्कृत | Bhaktamar Stotra in Sanskrit
श्री भक्तमार स्तोत्र संस्कृत जैन समुदाय का सबसे प्रसिद्ध स्तोत्र है। भक्तमार स्तोत्र को सातवीं शताब्दी ईस्वी में आचार्य मनतुंगा द्वारा संस्कृत में 48 श्लोक लिखे गए हैं। भक्तमार स्तोत्र को आचार्य मनतुंग ने सलाखों में बैठे इस ग्रन्थ को लिखा था साथ ही इस ग्रन्थ की महिमा है की जैसे जैसे आचार्य मांगतुंग एक एक पद लिखते गए और उनकी सलाखों के ताले अपने आप खुलते चले गए थे | भक्तामर-प्रणत-मौलिमणि-प्रभाणा –मुद्योतकं दलित-पाप-तमोवितानम् ।सम्यक् प्रणम्य जिन पादयुगं युगादा-वालंबनं भवजले पततां जनानाम्॥ १॥ यः संस्तुतः सकल-वाङ्मय- तत्व-बोधा-द्-उद्भूत- बुद्धिपटुभिः सुरलोकनाथैः।स्तोत्रैर्जगत्त्रितय चित्त-हरैरुदरैःस्तोष्ये…
Read Moreभक्तामर स्तोत्र हिन्दी | Bhaktamar Stotra in Hindi
श्री भक्तमार स्तोत्र जैन समुदाय का सबसे प्रसिद्ध स्तोत्र है। भक्तमार स्तोत्र को सातवीं शताब्दी ईस्वी में आचार्य मनतुंगा द्वारा संस्कृत में 48 श्लोक लिखे गए हैं। भक्तमार स्तोत्र को आचार्य मनतुंग ने सलाखों में बैठे इस ग्रन्थ को लिखा था| भक्त अमर नत मुकुट सु-मणियों, की सु-प्रभा का जो भासक।पाप रूप अति सघन तिमिर का, ज्ञान-दिवाकर-सा नाशक॥भव-जल पतित जनों को जिसने, दिया आदि में अवलंबन।उनके चरण-कमल को करते, सम्यक बारम्बार नमन ॥१॥ सकल वाङ्मय तत्वबोध से, उद्भव पटुतर धी-धारी।उसी इंद्र की स्तुति से है, वंदित जग-जन मन-हारी॥अति आश्चर्य की…
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