मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह 2023 की आखिरी पूर्णिमा भी है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद दान देने का विधान होता है। इससे पुण्य प्राप्त होता है और पापों का नाश होता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन व्रत रखा जाता है और सत्यनारायण भगवान, श्रीहरि विष्णु, माता लक्ष्मी, और चंद्रमा की पूजा की जाती है। काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट से जाना जा सकता है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा कब है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर स्नान, दान,…
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